” हिन्द देश के निवासी ” समूहगीत samuhgit paripath
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं
रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं
बेला गुलाब जूही चम्पा चमेली…. २ प्यारे-प्यारे फूल गूंथे माला में एक हैं…. २
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं
कोयल की कूक न्यारी पपीहे की टेर प्यारी….२
गा रही तराना बुलबुल राग मगर एक है….२
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं गंगा यमुना ब्रह्मपुत्र कृष्णा कावेरी….२
जाके मिल गयी सागर में हुई सब एक हैं…. २
हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं हिन्द देश के निवासी सभी जन एक हैं रंग रूप वेष भाषा चाहे अनेक हैं हिन्द देश के निवासी..










