CTET EXAM गणित अध्यापनशास्त्र ( PEDAGOGY ) कठीण शब्द एवं अर्थ pdf उपलब्ध ctet exam pedagogy word’s meaning
1. अमूर्तता (Abstraction): जो भौतिक रूप से दिखाई न दे, केवल विचारों या प्रतीकों में हो।
2. मूर्त (Concrete): जिसे स्पर्श या प्रत्यक्ष देखा जा सके (जैसे तीलियाँ, मोती)।
3. संकल्पना / अवधारणा (Concept): किसी विचार, नियम या सिद्धांत की समझ।
4. संज्ञान (Cognition): जानने, समझने, सोचने और निर्णय लेने की मानसिक प्रक्रिया।
5. अभिगृहीत (Axiom): ऐसा सर्वमान्य सत्य जिसे सिद्ध करने की आवश्यकता नहीं होती।
6. अभिधारणा (Postulate): विशिष्ट रूप से ज्यामिति में बिना प्रमाण के सत्य माना गया कथन।
7. प्रमेय (Theorem): तार्किक प्रमाण के आधार पर सिद्ध किया गया गणितीय कथन।
8. अनुमान / उपपत्ति (Conjecture / Proof): ऐसा विचार जो
सत्य प्रतीत होता है परंतु सिद्ध होना बाकी हो (Conjecture) /तार्किक सत्यता (Proof)।
9. तर्कसंगतता / तार्किकता (Logical Reasoning): नियमों और तर्कों के आधार पर सही निष्कर्ष निकालने की क्षमता।
10. पदानुक्रमित संरचना (Hierarchical Structure): सरल से जटिल की ओर व्यवस्थित क्रम।
11. स्थानिक समझ (Spatial Reasoning): 2D/3D आकृतियों, दिशाओं और अंतरिक्षीय स्थिति को समझने की क्षमता।
12. संख्या बोध (Number Sense): संख्याओं के मान, संबंध और परिमाण की सहज समझ।
13. मानसिक गणित (Mental Math): बिना कागज-कलम के मन में गणना करने की क्रिया।
14. प्रतिरूप (Pattern): संख्याओं या आकृतियों की पुनरावृत्ति या निश्चित क्रम।
15. साम्यीकरण (Equilibration): नई जानकारी और पूर्व ज्ञान के बीच मानसिक संतुलन स्थापित करना।
16. आत्मसातीकरण (Assimilation): नए ज्ञान को पूर्व ज्ञान में बिना बदलाव के जोड़ना।
17. समायोजन (Accommodation): नए ज्ञान के अनुसार पूर्व
स्कीमा में संशोधन करना।
18. स्कीमा (Schema): मस्तिष्क में संचित सूचनाओं या अवधारणाओं का ढांचा।
19. अभिज्ञता (Metacognition): अपनी स्वयं की सोच और
सीखने की प्रक्रिया के प्रति सजगता।
20. आगमन (Induction): उदाहरणों से सामान्य नियम की ओर जाना।
21. निगमन (Deduction): सामान्य नियम से विशिष्ट उदाहरणों की ओर जाना। e
22. विश्लेषण (Analysis): किसी जटिल समस्या को छोटे-छोटे तार्किक भागों में तोड़ना।
23. संश्लेषण (Synthesis): अलग-अलग ज्ञात तथ्यों को जोड़कर निष्कर्ष पर पहुँचना।
24. अन्वेषण / ह्यूरिस्टिक (Heuristic): ‘खोज’ या स्व-अधिगम आधारित शिक्षण विधि।
25. रचनात्मकता / निर्माणवाद (Constructivism): शिक्षार्थी द्वारा अपने अनुभवों से ज्ञान का निर्माण करना।
26. सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning): समूह में मिलकर समस्या का समाधान खोजना।
27. समस्या समाधान विधि (Problem Solving Method): चरणबद्ध तरीके से चुनौतियों का समाधान करना।
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28. अनुप्रयोग (Application): सीखे गए सिद्धांत को व्यावहारिक जीवन में उपयोग करना।
29. अंतर्वेशी शिक्षण (Differentiated Instruction): प्रत्येक बच्चे की आवश्यकतानुसार अलग शिक्षण विधि।
30. समीपस्थ विकास का क्षेत्र (ZPD): जो बच्चा खुद कर सकता है और जो सहायता से कर सकता है, उसके बीच का अंतर।
31. पाड़ / मचान (Scaffolding): बच्चे को सीखने में दी जाने वाली अस्थायी सहायता।
32 सक्रिय अधिगम (Active Learning): करके सीखने (Learning by doing) पर आधारित प्रक्रिया।
33. व्यवहारवाद (Behaviorism): उद्दीपक-अनुक्रिया और अभ्यास आधारित अधिगम सिद्धांत।
34. परियोजना विधि (Project Method): वास्तविक जीवन से जुड़े कार्यों द्वारा सीखना।
35. व्याख्यान विधि (Lecture Method): शिक्षक-केंद्रित पारंपरिक मौखिक विधि।
36. निर्देशात्मक अधिगम (Guided Learning): शिक्षक के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में सीखना।
37. बहु-संवेदी उपागम (Multi-sensory Approach): आँख, _ कान, स्पर्श आदि विभिन्न इंद्रियों का उपयोग।
38. त्रुटि विश्लेषण (Error Analysis): गलतियों के कारणों का अध्ययन करना।
39. अति-सामान्यीकरण (Overgeneralization): एक नियम को अनुपयुक्त स्थितियों में भी लागू कर देना।
40. अंतर्ज्ञान (Intuition): बिना औपचारिक तर्क के तुरंत किसी सत्य को भांप लेना।
41. रचनात्मक आकलन (Formative Assessment): सीखने के दौरान सुधार हेतु किया जाने वाला सतत आकलन।
42. योगात्मक आकलन (Summative Assessment): सत्र के अंत में योग्यता या ग्रेडिंग हेतु मूल्यांकन।
43. निदानात्मक परीक्षण (Diagnostic Test): अधिगम की कमियों और कमजोरियों की पहचान करना।
44. उपचारात्मक शिक्षण (Remedial Teaching): चिन्हित कमियों को दूर करने के लिए दिया जाने वाला शिक्षण।
45. सतत एवं समग्र मूल्यांकन (CCE): नियमित और सर्वांगीण
(शैक्षणिक व सह-शैक्षणिक) मूल्यांकन।
46. मानक-संदर्भित (Norm-Referenced): समूह के अन्य छात्रों की तुलना में प्रदर्शन मापना।
47. निकष-संदर्भित (Criterion-Referenced): पूर्व-निर्धारित स्तर या दक्षता के आधार पर मापना।
48. रूब्रिक (Rubric): प्रदर्शन के आकलन हेतु बनाए गए विस्तृत मानदण्ड।
49. पोर्टफोलियो (Portfolio): छात्र के कार्यों और प्रगति का क्रमिक संग्रह।
50. उपाख्यानात्मक अभिलेख (Anecdotal Record): बच्चे के व्यवहार और विशिष्ट घटनाओं का संक्षिप्त विवरण।
51. जाँच सूची (Checklist): किसी कौशल की उपस्थिति या अनुपस्थिति (हाँ/ना) दर्ज करने का साधन।
52. अवलोकन (Observation): स्वाभाविक परिवेश में बच्चे की गतिविधियों को देखना और नोट करना।
53. विश्वसनीयता (Reliability): बार-बार परीक्षण करने पर भी एक जैसे परिणाम आना।
54. वैधता (Validity): परीक्षण का उसी उद्देश्य को मापना जिसके लिए वह बना है। है।
55. मानकीकृत परीक्षण (Standardized Test): समान नियमों व स्थितियों में लिया जाने वाला औपचारिक टेस्ट ।
56. स्व-आकलन (Self-Assessment): छात्र द्वारा अपने ही काम का मूल्यांकन करना।
57. सहपाठी आकलन (Peer Assessment): साथियों द्वारा एक-
दूसरे के कार्य की समीक्षा।
58. प्रतिपुष्टि (Feedback): सीखने में सुधार हेतु दी गई गुणात्मक जानकारी।
59. अधिगम प्रतिफल (Learning Outcomes): पाठ के बाद छात्र से अपेक्षित दक्षताओं की प्राप्ति।
60. दक्षता-आधारित (Competency-based): केवल याद रखने के बजाय वास्तविक कौशल पर केंद्रित ।
61. डिसकैलकुलिया (Dyscalculia): गणितीय गणनाओं और संख्याओं को समझने में कठिनाई।
62. डिसलेक्सिया (Dyslexia): पठन अक्षमता (गणितीय भाषा और इबारती प्रश्नों को पढ़ने में बाधा)।
63. डिसग्राफिया (Dysgraphia): लेखन अक्षमता (संख्याओं और गणितीय प्रतीकों को सही न लिख पाना)।
64. डिसप्रैक्सिया (Dyspraxia): गत्यात्मक समन्वय विकार (हाथ-आँख समन्वय में कमी)।
65. गणित-भय / गणितीय दुश्चिंता (Math Anxiety): गणित के प्रति अत्यधिक डर या तनाव।
66. अवधान न्यूनता (ADHD): ध्यान केंद्रित न रख पाना और अति-सक्रियता।
67. स्थानिक दृष्टि दुर्बलता (Spatial Visual Deficit): ज्यामितीय आकृतियों की दिशा व आकार न समझ पाना।
68. संज्ञानात्मक अधिभार (Cognitive Overload): कार्य स्मृति (Working Memory) पर आवश्यकता से अधिक भार।
69. भ्रांति / मिथ्या धारणा (Misconception): गलत तर्क पर आधारित बनाई गई धारणा।
70. प्रक्रियात्मक बाधा (Procedural Bottleneck): सूत्र रटने के कारण सही चरण न समझ पाना।
71. गिनतारा / अबाकस (Abacus): स्थानीय मान, जोड़ और घटाव
सिखाने वाला प्राचीन उपकरण।
72. जियोबोर्ड (Geoboard): कीलों वाला बोर्ड जिस पर रबर बैंड से ज्यामितीय आकृतियाँ बनाते हैं।
73. डाइन्स ब्लॉक (Dienes Blocks): इकाई, दहाई, सैकड़ा और हजार (3D ब्लॉक) समझाने की सामग्री।
74. टैनग्राम (Tangram): 7 ज्यामितीय टुकड़ों वाली चीनी पहेली (आकृतियों की समझ हेतु)।
75. डॉट पेपर / बिंदु ग्रिड (Dot Paper): सममिति और परावर्तन सिखाने वाली शीट।
76. ग्राफ पेपर (Graph Paper): दशमलव संख्याओं का गुणा और क्षेत्रफल समझाने हेतु उपयुक्त साधन।
77. मणिका माला (Bead String): गिनती और क्रमबद्धता सिखाने हेतु मोतियों की लड़ी।
78. अल्पदृष्टि सामग्री (Tactile Material): दृष्टिबाधित छात्रों हेतु छूकर सीखने वाली सामग्री।
79. संख्या रेखा (Number Line): पूर्णांक, भिन्न और जोड़-घटाव दर्शाने वाली सरल रेखा।
80. भिन्न किट (Fraction Disc/Kit): वृत्ताकार या आयताकार हिस्सों द्वारा भिन्न समझाने का साधन
81. सटीकता / यथार्थता (Precision): गणितीय भाषा में अस्पष्टता
न होना, एकदम सही होना।
82. सार्वभौमिकता (Universality): सभी स्थानों और संस्कृतियों में
गणितीय नियमों का समान होना।
83. संक्षिप्तता (Conciseness): लंबे विचारों को छोटे प्रतीकों में व्यक्त करने का गुण।
84. गणितीयकरण (Mathematization): दैनिक स्थितियों को गणितीय रूप में सोचने और व्यक्त करने की क्षमता।
89 कलन विधि (Algorithm): किसी गणना को पूरा करने के
निर्धारित चरणबद्ध नियम।
90. समावेशी शिक्षा (Inclusive Education): सामान्य और विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों को एक साथ पढ़ाना।
91. बाल-केंद्रित (Child-Centered): शिक्षण व्यवस्था में छात्र की रुचि और गति को सर्वोपरि रखना।
92. पाठ्यचर्या (Curriculum): विद्यालय के अंदर व बाहर होने वाले समस्त शैक्षिक अनुभव।
93. पाठ्यक्रम (Syllabus): किसी विषय विशेष में पढ़ाए जाने वाले विषयों की सूची।
94. एनसीएफ (NCF – National Curriculum Framework): राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा।
95. मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मकता (FLN): प्राथमिक स्तर पर पढ़ने-लिखने और बुनियादी गणना की अनिवार्य क्षमता।
96. अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning): वास्तविक जीवन के अनुभवों के माध्यम से सीखना।
97. समेकित उपागम (Integrated Approach): गणित को भाषा, कला व पर्यावरण जैसे अन्य विषयों से जोड़कर पढ़ाना।
98. रुचि / अभिवृत्ति (Aptitude / Attitude): गणित के प्रति सकारात्मक रुझान और स्वाभाविक क्षमता।
99. लचीलापन (Flexibility): शिक्षण विधियों और मूल्यांकन को आवश्यकतानुसार बदलने की सहजता।
100. अभिसारी चिंतन (Convergent Thinking): किसी समस्या का केवल एक निश्चित या सही समाधान खोजना (बंद-अंत प्रश्न)।
101. अपसारी चिंतन (Divergent Thinking): एक ही समस्या के कई भिन्न-भिन्न और रचनात्मक समाधान सोचना (खुले-अंत प्रश्न)।
102. सन्निकटन / आकलन (Approximation / Estimation): सटीक मान के बजाय निकटतम व्यावहारिक अनुमान लगाना।
103. प्रक्रियात्मक प्रवाह (Procedural Fluency): सूत्रों और कलन विधियों (algorithms) को सटीकता और गति से लागू करने का कौशल।
104. संकल्पनात्मक स्पष्टता (Conceptual Understanding): गणितीय विचारों और उनके अंतर्निहित कारणों की गहरी समझ।
105. तार्किक निष्कर्ष (Inference): उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नया निष्कर्ष निकालना।
106. परिकल्पना (Hypothesis): समस्या समाधान के लिए बनाया
गया एक संभावित या परीक्षण-योग्य अनुमान।
107. अमूर्तीकरण (Subitizing): बिना एक-एक करके गिने, वस्तुओं के छोटे समूह (1-5) की संख्या तुरंत भांप लेना।
108. संरक्षण (Conservation – Piaget): रूप या स्थिति बदलने पर भी मात्रा/संख्या का अपरिवर्तित रहना समझना।
109. प्रतिवर्ती सोच / विलोमियता (Reversibility): किसी प्रक्रिया को उल्टे क्रम में सोच पाना (जैसे 3 + 4 = 7 तो 7 – 4 = 3)।
110. क्रमबद्धता (Seriation): वस्तुओं को उनके आकार, लंबाई या भार के अनुसार सही क्रम में व्यवस्थित करना।
111. वर्गीकरण (Classification): समान विशेषताओं के आधार पर वस्तुओं को अलग-अलग समूहों में बांटना।
112. एकैकी संगति (One-to-One Correspondence): गिनती करते समय प्रत्येक वस्तु के साथ ठीक एक संख्या का मिलान करना।
113. दृश्य-स्थानिक प्रसंस्करण (Visuo-spatial Processing): आकृतियों और उनकी दिशाओं को मानसिक रूप से घुमाने या समझने की क्षमता।
114. गणितीय संप्रेषण (Mathematical Communication):
गणितीय विचारों को मौखिक, लिखित या प्रतीकात्मक रूप में व्यक्त करना।
115. दृश्यीकरण / चाक्षुषीकरण (Visualization – Level 0): आकृतियों को उनके गुणों के बजाय केवल उनके समग्र रूप/दिखावट से पहचानना।
116. विश्लेषण (Analysis – Level 1): आकृतियों के व्यक्तिगत गुणों (भुजाएं, कोण) के आधार पर पहचान करना।
117. अनौपचारिक निगमन / संबंधपरकता (Informal Deduction / Ordering – Level 2): विभिन्न आकृतियों के गुणों के बीच संबंध समझना (जैसे सभी वर्ग आयत होते हैं)।
118. औपचारिक निगमन (Formal Deduction – Level 3): प्रमेयों को अभिगृहीतों और तर्कों के आधार पर सिद्ध करना।
119. दृढ़ता / परिशुद्धता (Rigor – Level 4): अमूर्त गणितीय प्रणालियों और विभिन्न ज्यामितियों का उच्च-स्तरीय वि
120. समरूपता (Similarity): आकृतियों का आकार (shape)
समान होना भले ही माप भिन्न हो।
121. सर्वांगसमता (Congruence): दो आकृतियों का आकार और
माप दोनों एकदम एक समान होना।
122. परावर्तन (Reflection): किसी रेखा के सापेक्ष आकृति का
दर्पण-प्रतिबिंब बनना।
123. घूर्णन (Rotation): किसी निश्चित बिंदु के चारों ओर आकृति को किसी कोण पर घुमाना।
124. ज्यामितीय प्रतिरूपण (Tessellation / Tiling): बिना किसी अंतर (gap) या ओवरलैप के तल को आकृतियों से पूरी तरह ढकनाम
125.ELPS मॉडल: गणित सीखने का क्रम – Experience (अनुभव), Language (भाषा), Pictures (चित्र), Symbols (प्रतीक)।
126. CPA उपागम (Bruner): Concrete (मूर्त), Pictorial
(चित्रात्मक), Abstract (अमूर्त) सीखने का क्रम।
127. मेटाकॉग्निटिव रणनीति (Metacognitive Strategy): समस्या हल करते समय स्वयं से प्रश्न पूछना और योजना की समीक्षा करना।
128. अन्वेषणात्मक अधिगम (Discovery Learning): प्रयोगों और अनुभवों के माध्यम से स्वयं नए नियम खोजना।
129. संसूचक प्रश्न (Probing Questions): बच्चों की सोच को गहराई तक परखने के लिए पूछे जाने वाले खोजपूर्ण प्रश्न।
130. खुले-अंत वाले प्रश्न (Open-ended Questions): ऐसे प्रश्न जिनके एक से अधिक सही उत्तर या समाधान मार्ग होते हैं।
131. बंद-अंत वाले प्रश्न (Closed-ended Questions): ऐसे प्रश्न जिनका केवल एक ही निश्चित उत्तर होता है।
132. प्रासंगिककरण (Contextualization): अमूर्त गणितीय अवधारणाओं को स्थानीय व दैनिक जीवन के संदर्भों से जोड़ना।
133. रोल-प्ले विधि (Role Play): गणितीय लेन-देन (बाज़ार, बैंक) का नाटक करके सीखना।
135. पारस्परिक शिक्षण (Reciprocal Teaching): छात्र और शिक्षक द्वारा मिलकर संवाद के माध्यम से विषय समझना।
136. संकीर्ण उद्देश्य (Narrow Aims): दैनिक जीवन हेतु केवल बुनियादी संख्यात्मकता और गणना कौशल का विकास।
137. उच्चतर उद्देश्य (Higher Aims): बच्चों में चिंतन का
गणितीयकरण, तार्किक क्षमता और अमूर्त सोच विकसित करना।
138. व्यवस्थागत त्रुटि (Systematic Error): गलत अवधारणा के कारण बार-बार दोहराई जाने वाली एक जैसी गलती।
139. लापरवाही त्रुटि (Careless Error): अवधारणा स्पष्ट होने पर भी ध्यान भटकने के कारण हुई त्वरित गलती।
140. पुनर्समूहन (Regrouping / Carrying-Borrowing): जोड़ में ‘हासिल’ लेना या घटाव में ‘उधार’ लेना।
141. अनुदैर्ध्य संबंध (Vertical Articulation): निचली कक्षाओं के ज्ञान का क्रमिक रूप से उच्च कक्षाओं से जुड़ना।
142. क्षैतिज संबंध (Horizontal Articulation): गणित का उसी कक्षा के अन्य विषयों (विज्ञान, भूगोल) से संबंध।
143. अधिगम अंतराल (Learning Gap): अपेक्षित सीखने के स्तर और वास्तविक स्तर के बीच का फासला।
144. स्थानीय गणित / नृवंश-गणित (Ethnomathematics): विभिन्न सांस्कृतिक और लोक समुदायों में उपयोग होने वाला व्यावहारिक गणित।
145. लचीला विभाजन (Flexible Partitioning): किसी संख्या को अलग-अलग तरीकों से तोड़ना (जैसे 54 = 50+4 या 40+14)।
146. जियोजेब्रा (GeoGebra): ज्यामिति, बीजगणित और कैलकुलस सीखने का एक ओपन-सोर्स इंटरेक्टिव सॉफ्टवेयर ।
147. डॉट मैट्रिक्स / ग्रिड शीट (Grid Paper): क्षेत्रफल, परिमाप और दशमलव गुणनफल दर्शाने का प्रभावी उपकरण।
148. क्युइसनेयर छड़ें (Cuisenaire Rods): विभिन्न रंगों और लंबाइयों की छड़ें, जो अनुपात, भिन्न और संक्रियाएं सिखाती हैं।
149. बहुमुखी ब्लॉक / यूनिफिक्स क्यूब्स (Snap/Unifix Cubes): परस्पर जुड़ने वाले घन (Cubes) जो गिनती और पैटर्न सिखाते हैं।
150. काल्पनिक/अप्रत्यक्ष जोड़-तोड़ (Virtual Manipulatives): कंप्यूटर या टैबलेट स्क्रीन पर डिजिटल रूप से उपयोग की जाने वाली गणितीय सामग्री।










