समास म्हणजे काय? सामासिक शब्द व त्यांचा विग्रह आणि प्रकार pdf स्वरूपात उपलब्ध सर्व स्पर्धा परीक्षेसाठी उपयुक्त samas prakar shabda vigrah
भाषेचा उपयोग करताना आपण शब्दांची काटकसर करतो. दोन किंवा अधिक शब्दांऐवजी आपण एकाच शब्दाचा उपयोग करतो. उदा. ‘चंद्राचा उदय’ असे न म्हणता आपण ‘चंद्रोदय’ असे म्हणतो. ‘पोळीसाठी पाट’ असे न म्हणता आपण ‘पोळपाट’ असे म्हणतो. ‘बटाटे घालून तयार केलेला वडा’ असे न म्हणता आपण ‘बटाटेवडा’ असे म्हणतो.
शब्दांच्या अशा एकत्रीकरणास ‘समास’ असे म्हणतात. ‘सम्+अस्’ या संस्कृत धातूपासून ‘समास’ हा शब्द तयार झाला असून त्याचा अर्थ ‘एकत्र करणे’ असा आहे. समासात एक जोडशब्द तयार करताना त्या शब्दांतील परस्परसंबंध दाखविताना त्यातील विभक्तीप्रत्यय किंवा शब्द आपण गाळतो. समास हीदेखील भाषेतील काटकसर आहे.
शब्दांच्या एकत्रीकरणाने जो एक जोडशब्द तयार होतो, त्याला ‘सामासिक शब्द’ असे म्हणतात. हा सामासिक शब्द कोणत्या शब्दांपासून तयार झाला आहे, हे स्पष्ट करण्यासाठी आपण फोड करून सांगतो. फोड करून दाखविण्याच्या पद्धतीला ‘विग्रह’ असे म्हणतात. विग्रह म्हणजे कमीत कमी शब्दांत सामासिक शब्दाचे केलेले स्पष्टीकरण होय. उदा. ‘वनभोजन’ हा सामासिक शब्द असून ‘वनातील भोजन’ हा त्याचा विग्रह होय.
समासाचे प्रकार
समासात कमीत कमी दोन शब्द किंवा पदे एकत्र येतात. दोन शब्दांपैकी कोणत्या पदाला वाक्यात अधिक महत्त्व, म्हणजे कोणत्या पदाबद्दल आपल्याला अधिक बोलावयाचे असते, यावरून समासाचे प्रकार ठरविण्यात आलेले आहेत; ते असे.
(२) दुसरे पद प्रमुख असेल, तर तत्पुरुष समास.
(१) पहिले पद प्रमुख असेल, तर अव्ययीभाव समास.
(३) दोन्ही पदे महत्त्वाची असतील, तर ‘द्वंद्व समास’.
(४) दोन्ही पदे महत्त्वाची नसून त्यावरून तिसन्याच पदाचा बोध होत असेल,तर बहुव्रीही समास.
| अणु.क्र. | सामासिक शब्द | विग्रह | समास प्रकार |
| 1 | आजन्म | जन्मापासून | अव्ययी भाव समास |
| 2 | यथाशक्ती | शक्तीप्रमाणे | |
| 3 | प्रतिदिन | प्रत्येक दिवशी | |
| 4 | प्रतिक्षण | प्रत्येक क्षणाला | |
| 5 | दररोज | प्रत्येक दिवशी | |
| 6 | गावोगाव | प्रत्येक गावाला | |
| 7 | जागोजाग | प्रत्येक जागेवर | |
| 8 | गल्लोगल्ली | प्रत्येक गल्लीत | |
| 9 | पदोपदी | प्रत्येक पद | |
| 10 | घरोघर | प्रत्येक घर | |
| 11 | दारोदार | प्रत्येक दार | |
| 12 | रस्तोरस्ते | प्रत्येक रस्त्यावर | |
| 13 | दिवसेंदिवस | प्रत्येक दिवस | |
| 14 | पावलोपावली | प्रत्येक पाऊल | |
| 15 | तोंडपाठ | तोंडाने पाठ | तत्पुरुष समास |
| 16 | महादेव | महान असा देव | |
| 17 | कंबरपट्टा | कंबरे साठी पट्टा | |
| 18 | अनिष्ट | नाही इष्ट ते | |
| 19 | दुख:प्राप्त | दुःखाला प्राप्त | |
| 20 | भक्तीवश | भक्तीने वश | |
| 21 | क्रीडांगण | क्रीडेसाठी अंगण | |
| 22 | ऋणमुक्त | ऋणातून मुक्त | |
| 23 | राजपुत्र | राजाचा पुत्र | |
| 24 | घरजावई | घरातील जावई | |
| 25 | तोंडपाठ | तोंडाने पाठ | |
| 26 | गुणहीन | गुणाने हीन | |
| 27 | चौपट | चार पटीने | |
| 28 | बुद्धीजड | बुद्धीने जड | |
| 29 | ईश्वर निर्मित | ईश्वराने निर्मित | |
| 30 | गायरान | गाईंसाठी रान | |
| 31 | पोळपाट | होळीसाठी पाठ | |
| 32 | मेंढवाडा | मेंढ्यांसाठी वाडा | |
| 33 | व्याहीभोजन | व्याहीसाठी भोजन | |
| 34 | सेवानिवृत्त | सेवेतून निवृत्त | |
| 35 | गर्भश्रीमंत | पूर्वीपासून श्रीमंत | |
| 36 | चोरभय | चोरापासून भय | |
| 37 | जन्मखोड | जन्मापासून खोड | |
| 38 | लंगोटीमित्र | लहानपणापासून चा मित्र | |
| 39 | राजपुत्र | राजाचा पुत्र | |
| 41 | देवपूजा | देवाची पूजा | |
| 42 | राजवाडा | राजाचा वाडा | |
| 43 | लक्ष्मीकांत | लक्ष्मीचा कांत | |
| 44 | घोडदौड | घोड्यांची दौड | |
| 45 | धर्मवेड | धर्माचे वेड | |
| 46 | आंबराई | आंब्याची राई | |
| 47 | विद्याभ्यास | विद्येचा अभ्यास | |
| 48 | घरजावई | घरातील जावई | |
| 49 | वनभोजन | वनातील भोजन | |
| 50 | कलाकुशल | कलेत कुशल | |
| 51 | पानकोंबडा | पाण्यातील कोंबडा | |
| 52 | घरकाम | घरातील काम | |
| 53 | सुखद | सुख देणारे | उपपद तत्पुरुष |
| 54 | जलद | जल देणारे | |
| 55 | पंकज | चिखलात जन्मणारे | |
| 56 | पहारेकरी | पहारा देणारा | |
| 57 | गळेकापू | गोळे कापणारा | |
| 58 | शेतकरी | शेती करणारा | |
| 59 | कामकरी | काम करणारा | |
| 60 | आगलाव्या | आग लावणारा | |
| 61 | अयोग्य | योग्य नव्हे ते | नत्र तत्पुरुष |
| 62 | अपुरा | पूर्ण नाही असा | |
| 63 | नास्तिक | देव न म्हणणारा | |
| 64 | अनादर | आदर नसलेला | |
| 66 | नापसंत | पसंत नसलेला | |
| 67 | अनाचार | शिष्टाचार नसलेला | |
| 68 | अन्याय | न्याय नाही असा | |
| 69 | अहिंसा | हिंसा नसलेला | |
| 70 | निरोगी | रोगी नसलेला | |
| 71 | नाईलाज | इलाज नाही असा | |
| 72 | नाउमेद | उमेद नाही असे | |
| 73 | बेडर | भीती नाही असा | |
| 74 | गैरहजर | हजर नसलेले | |
| 75 | महादेव | महान असा देव | कर्मधारय तत्पुरुष |
| 76 | घनश्याम | धनासारखा श्याम | |
| 77 | रक्तचंदन | रक्तासारखे चंदन | |
| 78 | मुखकमल | मुख हेच कमल | |
| 79 | पितांबर | पिवळे असे वस्त्र | |
| 80 | नीलकमल | निळे असे कमल | |
| 81 | घननिळ | निळा असा घन | |
| 82 | पुरुषोत्तम | उत्तम असा पुरुष | |
| 83 | भाषांतर | अन्य भाषा | |
| 84 | वेशांतर | अन्य वेश | |
| 85 | कमलनयन | कमळासारखे डोळे | |
| 86 | मेघशाम | मेघासारखा काळा | |
| 87 | चंद्रमुखी | चंद्रासारखे मुख | |
| 88 | नरसिंह | सिंहासारखा नर | |
| 89 | विद्याधन | विद्या हेच धन | |
| 90 | काव्यामृत | काव्यरूपी अमृत | |
| 91 | पंचवटी | पाच वडांचा समूह | द्विगु तत्पुरुष |
| 92 | नवरात्र | नऊ रात्रींचा समूह | |
| 93 | चातुर्मास | चार मासांचा समूह | |
| 94 | त्रिभुवन | तीन भूवनांचा समूह | |
| 95 | सप्ताह | सात दिवसांचा समूह | |
| 96 | त्रिदल | तीन दलांचा समूह | |
| 97 | चौघडी | चार घड्यांचा समूह | |
| 98 | पंचपाळी | पाच पाल्याचा समूह | |
| 99 | पंचारती | पाच आरत्यांचा समूह | |
| 100 | कांदेपोहे | कांदे घालून केलेले पोहे | मध्यम पदलोपी तत्पुरुष |
| 101 | साखरभात | साखर घालून केलेला भात | |
| 102 | डाळवांगे | वांगेयुक्त डाळ | |
| 103 | पुरणपोळी | पुरण घालून केलेली पोळी | |
| 104 | लंगोटी मित्र | लंगोटी घालत असल्या पासूनचा मित्र | |
| 105 | भोजन भाऊ | भोजना पुरता भाऊ | |
| 106 | घोडेस्वार | घोडा असलेला स्वार | |
| 107 | बालमित्र | बालपणीपासून चा मित्र | |
| 108 | राम-लक्ष्मण | राम आणि लक्ष्मण | द्वंद्व समास |
| 109 | पापपुण्य | पाप किंवा पुण्य | |
| 110 | विटीदांडू | विटी आणि दांडू | |
| 111 | आईबाप | आई आणि बाप | इतरेतर द्वंद्व |
| 112 | हरिहर | हरी आणि हर | |
| 113 | स्त्रीपुरुष | स्त्री आणि पुरुष | |
| 114 | एकवीस | वीस आणि एक | |
| 115 | कृष्णाअर्जुन | कृष्ण आणि अर्जुन | |
| 116 | बहिणभाऊ | बहिण आणि भाऊ | |
| 117 | खरेखोटे | खरे किंवा खोटे | वैकल्पिक द्वंद्व |
| 118 | तीन-चार | तीन किंवा चार | |
| 119 | बरेवाईट | बरे किंवा वाईट | |
| 120 | पासनापस | पास किंवा नापास | |
| 121 | न्यायान्याय | न्याय किंवा अन्याय | |
| 122 | सत्यासत्य | सत्य किंवा असत्य | |
| 123 | धर्माधर्म | धर्म किंवा अधर्म | |
| 124 | चहापाणी | चहापाणी व फराळाचे इतर पदार्थ | समाहार द्वंद्व |
| 125 | भाजीपाला | भाजीपाला व मिरची कोथिंबीर इत्यादी वस्तू | |
| 126 | अंथरुन पांघरून | अंथरून पांघरून व इतर वस्तू | |
| 127 | पाला पाचोळा | गवत काडी पान इत्यादी वस्तू | |
| 128 | मीठभाकर | मीठ भाकर साधे खाद्यपदार्थ | |
| 129 | घरदार | घर अंगण दार इत्यादी | |
| 130 | बहुवृही | ||
| 131 | निळकंठ | निळा आहे कंठ ज्याचा असा तो | |
| 132 | पितांबर | पिवळे असे वस्त्र | |
| 133 | लक्ष्मीकांत | लक्ष्मीचा जो कांत तो | |
| 134 | गजानन | गजाचे आहे आनन ज्याला तो | |
| 135 | प्राप्तधन | प्राप्त आहे धन ज्यास तो | |
| 136 | चौकोन | चार आहेत कोण ज्याला | |
| 137 | लंबोदर | लांब आहे उदर ज्याचे तो | |
| 138 | निर्धन | गेले आहे धन ज्यापासून तो | |




