१५ ऑगस्ट स्वतंत्रता दिवस पर भाषण speech on independence day
आदरणीय प्रधानाचार्य जी, सम्मानित गुरुजन एवं मेरे प्रिय साथियों, आप सभी को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ ।
आज हम उस आज़ादी का उत्सव मना रहे हैं, जो हमें लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, बलिदान और अनगिनत संघर्षों के बाद मिली। भगत सिंह, चंद्रशेखर आज़ाद, सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी और अनेक वीरों ने अपने सुख, परिवार और जीवन तक का त्याग कर हमें स्वतंत्र भारत का अमूल्य उपहार दिया ।
लेकिन आज हमें स्वयं से एक प्रश्न पूछना चाहिए –
क्या हम उस आज़ादी के योग्य नागरिक बन पाए हैं?
हमारा देश आज स्वतंत्र हैं, पर हमारा पर्यावरण संकट में हैं। नदियों प्रदूषित हो रही हैं, जंगल कट रहे हैं, हवा दूषित हो रही हैं और प्लास्टिक धरती को नुकसान पहुँचा रहा हैं। यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, शुद्ध जल और हरियाली केवल किताबों में देखने को मिलेगी।
सच्ची देशभक्ति केवल तिरंगा फहराने या नारे लगाने तक सीमित नहीं हैं। सच्ची देशभक्ति तब हैं, जब हम अपने देश की धरती, जल, वायु और प्रकृति की रक्षा करें। यदि हर नागरिक एक पेड़ लगाए, पानी बचाए, प्लास्टिक का कम उपयोग करे, स्वच्छता बनाए रखे और प्राकृतिक संसाधनों का सम्मान करे, तो हम अपने देश को और अधिक सुंदर तथा सुरक्षित बना सकते हैं।
आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम सभी यह संकल्प लें कि हम केवल आज़ादी का उत्सव नहीं मनाएँगे, बल्कि अपने देश और पर्यावरण की रक्षा भी करेंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों भी एक
स्वच्छ, हरित और खुशहाल भारत में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।










