CTET EXAM गणित (pedagogy) अध्यापनशास्त्र बहुपर्यायी प्रश्नसंच ctet exam math pedagogy
निम्नलिखित में से कौन-सा एक “रचनावादी” कक्षा में गणितीय गतिविधि को निरूपित नहीं करता है?
(1) एक बच्चा विभिन्न आकृतियों को वर्गीकृत कर रहा है
(2) एक बच्चा गणितीय अवधारणा पर आधारित एक कहानी की रचना कर रहा है।
(3) एक बच्चा एकत्रित आँकड़ों के आधार पर ग्राफ बना रहा है।
4) एक बच्चा श्यामपट्ट से प्रश्नों की नकल करके लिख रहा है।
सही जवाब पर्याय क्रमांक 4
प्राथमिक स्तर की एन.सी.ई.आर.टी. की गणित की पाठ्यपुस्तकों में विविध रूप से कहानियाँ, कविताएँ, पहेलियाँ और खेल शामिल हैं। इनको सम्मिलित करने का सर्वाधिक उपयुक्त उद्देश्य है।
(1) गणित के पाठ्यक्रम को कम करना।
(2) गणित को बच्चों के दैनिक जीवन से जोड़ना।
(3) बच्चों को अवकाश गतिविधियाँ प्रदान करना।
(4) गणित की कक्षा में हास्य परिहास के लिए अवसर प्रदान करना।
सही जवाब पर्याय क्रमांक 2
निम्नलिखित में से कौन-सा नैदानिक परीक्षाओं के लिए सबसे उपयुक्त है?
(1) बच्चे की समझ में रह गई कमियों को पहचानने में मदद करता है।
(2) माता-पिता को प्रतिपुष्टि देने में उपयोगी है।
(3) बच्चों का नामीकरण करने में मदद करता है।
(4) सत्र-अंत परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रश्नों को बनाने में मदद करता है
सही जवाब पर्याय क्रमांक 1
4. एक शिक्षक/शिक्षिका पाँचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को क्षेत्रफल की अवधारणा का परिचय देने हेतु केवल आयताकार एवं वर्गाकार आकृतियों का प्रयोग करता/करती है। एक विद्याश्रर्थी खड़ा होता है और शिक्षक/शिक्षिका से पूछता है “यदि मेरा कक्ष न ही आयताकार और न ही वर्गाकार है और में उसका क्षेत्रफल ज्ञात करना चाहता हूँ तो यह कैसे ज्ञात होगा”? बच्चे द्वारा निम्नलिखित में से कौन-सा कौशल/व्यवहार प्रदर्शित किया गया है?
(1) क्षेत्रफल की अवधारणा की पूरी समझ में कमी
(2) बच्चा विद्रोहपूर्ण व्यवहार प्रदर्शित कर रहा है।
(3) बच्चा कक्षा में शरारती हो रहा है।
(4) बच्चा एक अर्थपूर्ण एवं तर्कपूर्ण गणितीय समस्या पूछ रहा है
सही जवाब पर्याय क्रमांक 4
5. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2005 के अनुसार, गणित के शिक्षण-अधिगम में मुख्य व्यवस्थागत समस्याओं में से एक है कोष्ठीकरण (कंपार्टमेंटलाइजेशन)। यह क्या दर्शाता है?
(1) उनकी क्षमताओं/योग्यताओं के आधार पर यहाँ एक ही कक्षा के विद्यार्थियों का विभिन्न खण्डों (सेक्शन्स) में व्यवस्थित रूप से विभाजन है।
(2) यहाँ प्राथमिक विद्यालय और हाईस्कूल के गणित शिक्षकों के मध्य बहुत ही कम व्यवस्थित संवाद है।
(3) यहाँ स्कूली व्यवस्था के लिए सुव्यवस्थित रूप से विभिन्न स्तरों पर शिक्षकों की नियुक्ति होती है।
(4) यहाँ विद्यालय और कॉलेज के गणित के पाठ्यक्रम में व्यवस्थित रूप से विभाजन है।
सही जवाब पर्याय क्रमांक 2
निम्नलिखित में से कौन-सा कथन गणित में मानकीकृत परीक्षाओं (टेस्ट्स) के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है.
1) इन परीक्षाओं (टेस्ट्स) की व्यक्तिनिष्ठता उन्हें संदर्भात्मक बनाती है।
② इन परीक्षाओं (टेस्ट्स) को केवल कम आबादी पर ही संचालित कर सकते हैं।
3) ये बहुत अधिक रूप से पक्षपाती होते हैं।
4) ये बच्चों की क्षमता का समग्र चित्र प्रस्तुत नहीं करते हैं।
सही जवाब पर्याय क्रमांक 4
निम्नलिखित में से कौन-सा गणित में आकलन के लिए सबसे कम प्रासंगिक है?
1) गणितीय दक्षता के पृथक संघटकों का परीक्षण कीजिए बजाय उसके महत्त्वपूर्ण / मूल्यवान पहलुओं के।
(2) जो महत्त्वपूर्ण हो उसे मापिए, उसे नहीं जो मापने में सरल हो।
(3) गणितीय समझ के आकलन में खुले सिरे वाले प्रश्न भी महत्त्वपूर्ण होते हैं।
(4) आकलन को शिक्षक और अधिगमकर्ताओं को प्रतिपुष्टि प्रदान करनी चाहिए।
सही जवाब पर्याय क्रमांक 1
निम्नलिखित में से कौन-सा गणित शिक्षण का सर्वाधिक उपयुक्त तरीका है?
(1) अधिगम में रह गई कमियों को ज्ञात कर केवल उन्हें ही संबोधित करना
(2) अल्प प्रदर्शन करने वालों की पहचान कर उन्हें कक्षा की अग्रिम पंक्ति में बैठाना
3) एक जैसे उपागम द्वारा प्रत्येक विद्यार्थी को पढ़ाना
4) अधिगमकर्ताओं को उनकी विद्यमान क्षमताओं को विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करना
सही जवाब पर्याय क्रमांक 4
निरंतर और व्यापक मूल्यांकन (CCE) के लिए निम्नलिखित में से क्या सही है?
(1) निरंतर और व्यापक मूल्यांकन में, आकलन प्रक्रिया में पूर्व ज्ञान, समझाने के स्तर और अधिगम प्रक्रिया का आकलन सम्मिलित होना चाहिए।
(2) निरंतर और व्यापक मूल्यांकन के लिए, शिक्षक महसूस करते हैं कि उनमें से हर एक को बच्चों के अधिगम का आकलन करने के लिए प्रतिदिन कुछ गृह-कार्य देना चाहिए।
(3) निरंतर और व्यापक मूल्यांकन केवल अंकों को ग्रेड में परिवर्तित करने के बारे में है।
(4) निरंतर और व्यापक मूल्यांकन में, जाँच/परीक्षण अधिक है और शिक्षण कम है।
सही जवाब पर्याय क्रमांक 1
गणित की प्रकृति के बारे में निम्नलिखित में से क्या सही नहीं है?
(1) स्कूली स्तर पर गणित में शिक्षार्थियों में विशिष्ट अभिवृत्ति आवश्यक होती है।
(2) गणित में प्राथमिक अवधारणाएँ प्रकृति में अमूर्त होती हैं।
(3) गणित निगमनात्मक विवेचन पर आधारित है।
(4) गणित उन अधिकांश विषयों की तुलना में बहुत अधिक अमूर्त और पदानुक्रमित है जो बच्चे उसी उम्र में सीखते हैं।
सही जवाब पर्याय क्रमांक 1
सही जवाब पर्याय क्रमांक
सही जवाब पर्याय क्रमांक










