माणसाला किती जमिनीची गरज need of land जाकनोजी नावाचा शेतकरी होता आपले खूप मोठे शेत असावे असे त्याला वाटे त्याच्या वाचनात एक जाहिरात आली शेतकरी असणाऱ्यास जमीन देणे आहे सूर्योदयापासून सूर्यास्तापर्यंत चालून जाईल तेवढी जमीन तुमची जानोजीला त्याची इच्छा पूर्ण करणारी संधी चालून आली दिलेल्या पत्त्यावर जानोजी हजर झाला ठीक सुर्योदयास त्याने चालावयास सुरुवात केली सूर्य डोक्यावर येईपर्यंत जानोजी ने बरेच अंतर कापले होते आता त्यास सूर्यास्तापर्यंत पूर्वीच्या ठिकाणी पोचायचे होते म्हणून तो चालून झालेली सर्व जमीन त्याची होणार होती जानोजी ने विचार केला आपण आणखी पुढे जाऊ मग मागे फिरू म्हणजे आता पेक्षा आणखीन जमीन आपल्या मालकीची होईल तो तसाच पुढे निघाला सूर्य मावळतीला आला तसा तो नाईलाजाने मागे फिरला त्याने आपल्या चालण्याचा वेग वाढवला खरे तर तो आता दमला होता पण त्याचा नाईलाज होता त्याला आता अधिक अंतर कापायचे होते सूर्यास्तापूर्वी निघण्याच्या ठिकाणी आपण पोहोचणार नाही असे त्यास वाटू लागले म्हणून त्याने पळावयास सुरुवात केली सूर्य अस्तास जिवाच्या आकांताने त्याने सुरुवातीचे ठिकाण गाठले पण अतिश्रमाने तो तिथेच कोसळला आणि गतप्राण झाला गावकऱ्यांनी त्याला पुरण्यासाठी खड्डा खणला आणि म्हणाली खरे तर याला एवढ्या जमिनीची गरज होती असे म्हणून त्यास मुठमाती दिली.
बोध – अतिलोभ विनाशकारी असतो.
➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖
शालेय बोधकथा संग्रह खालील प्रमाणे आहे सदर बोधकथेचे नाव वाचून वाचन लिंक या बटना खालील क्लिक करा व बोधकथा वाचन करा
| अं.क्र. | बोधकथेचे नाव | वाचन लिंक |
| 1. | भित्रा ससा | क्लिक करा |
| 2. | एकीचे बळ | क्लिक करा |
| 3. | लोभीपणा | क्लिक करा |
| 4. | चतुर म्हातारा | क्लिक करा |
| 5. | कुत्रा व गाढव | क्लिक करा |
| 5. | नाटक | क्लिक करा |
| 6. | एकीचे बळ | क्लिक करा |
| 7. | वेळेचे महत्व | क्लिक करा |
| 8. | अति विचाराने नुकसानच होते | क्लिक करा |
| 9. | नेहमी विचार करून बोलावे | क्लिक करा |
| 10. | दिसते तसे नसते | क्लिक करा |
| 11. | दुसऱ्याच्या व्यंगावर हसू नये | क्लिक करा |
| 12. | पोपटपंची | क्लिक करा |
| 13. | भिमाचे गर्वहरण | क्लिक करा |
| 14. | श्रावण बाळ आणि राजा दशरथ | क्लिक करा |
| 15. | लांडगा आणि कोकरू | क्लिक करा |
| 16. | पर्वत आणि उंदीर | क्लिक करा |
| 17. | मोर आणि करकोचा | क्लिक करा |
| 18. | वाघोबा आणि ससा | क्लिक करा |
| 19. | माकड आणि मगर | क्लिक करा |
| 20. | सिंह आणि उंदीर | क्लिक करा |
| 21. | लावा पक्षी आणि तिचे पिल्ले | क्लिक करा |
| 22. | माणसाला किती जमिनीची गरज | क्लिक करा |
| 23. | सुखी माणसाचा सदरा | क्लिक करा |
| 24. | ऐकावे जनाचे करावे मनाचे | क्लिक करा |
| 25. | फुल भर दुधाची कहाणी | क्लिक करा |
| 26. | नालाचा खेळा पराभवास कारण | क्लिक करा |
| 27. | हत्तीची सभा | क्लिक करा |
| 28. | नागार्जुन एक महान रसायन शास्त्रज्ञ | क्लिक करा |
| 29. | माणूस आणि उंदीर | क्लिक करा |
| 30. | एक तरुण माणूस | क्लिक करा |
| 31. | रानटी व गावठी हंस | क्लिक करा |
| 32. | कबूतर आणि मुंगी | क्लिक करा |
| 33. | शेतकरी व बैल | क्लिक करा |
| 34. | बढाईखोर माणूस | क्लिक करा |
| 35. | शेतकरी आणि साप | क्लिक करा |
| 36. | कस्तुरी मृग | क्लिक करा |
| 37. | एक डोळा असलेले हरीण | क्लिक करा |
| 38. | सिंह आणि इतर प्राणी | क्लिक करा |
| 39. | नदी झाड आणि वारा | क्लिक करा |
| 40. | कुरापती उंदीर | क्लिक करा |
| 41. | कोकिळा कावळा आणि घुबड | क्लिक करा |
| 42. | लोभी कुत्रा | क्लिक करा |
| 43. | संपत्तीचा उपयोग | क्लिक करा |
| 44. | संपत्तीचा खरा उपयोग | क्लिक करा |
| 45. | ससा आणि त्याचे मित्र | क्लिक करा |
| 46. | मनोबल | क्लिक करा |
| 47. | अति तेथे माती | क्लिक करा |
| 48. | गर्विष्ठ मेणबत्ती | क्लिक करा |
| 49. | आत शिरणारी पावले | क्लिक करा |
| 50. | हरीण आणि कोल्हा | क्लिक करा |
| 51. | कासव आणि बेडूक | क्लिक करा |
| 52. | माणूस आणि उंदीर | क्लिक करा |
| 53. | सोन्याचे अंडे देणारी कोंबडी | क्लिक करा |
| 54. | गाढवाचा गैरसमज | क्लिक करा |
| 55. | प्रेमळ शब्द | क्लिक करा |
| 56. | वस्तूची उपयुक्तता | क्लिक करा |
| 57. | लालची कुत्रा | क्लिक करा |
| 58. | कुत्र्याची दूरदृष्टी | क्लिक करा |
| 59. | पोपटाची विद्या | क्लिक करा |
| 60. | प्रत्युत्तर | क्लिक करा |
| 61. | बोधकथा संग्रह | क्लिक करा |










12 thoughts on “माणसाला किती जमिनीची गरज need of land”