पोपटाची विद्या popatachi vidhya marathi bodhkatha एका गावात चार ब्राह्मणपुत्र होते. त्यांची मोठी मैत्री होती. एकदा त्यांनी विचार केला. या गावात राहण्यात काही फायदा नाही. आपण दुसऱ्या देशाला जाऊन काहीतरी विद्या मिळविली पाहिजे. काही पाठांतर केले पाहिजे. मग विद्येच्या बळावर आपल्याला मान सन्मान, पैसा मिळेल. असा विचार करून ते चौघे प्रवासाला निघाले. एका गावातील पाठशाळेत जाऊन त्यांनी विद्याभ्यास सुरू केला. अनेक मंत्र पाठ केले. अध्ययन संपल्यावर ते आपल्या गावाकडे निघाले. वाटेत त्यांना मेलेल्या प्राण्याचा सांगाडा दिसला. तो पाहताच पहिला पंडित म्हणाला, “मी माझ्या जवळच्या मंत्र सामर्थ्याने या सांगाड्यात रक्त आणि मांस भरतो.’ असे बोलन त्याने त्या सांगाड्यात रक्त- मांस भरले मग दुसरा पंडित म्हणाला एक मांस भरलेल्या सांगाड्यावर कातडी चढवण्याची विद्या मला येते असे सांगून त्याने त्या सांगाड्यवर कातडे चढवले. मग तिसरा पंडित म्हणाला मी अशा प्राण्यात इतर अवयव भरण्यास शिकलो आहे. असे बोलून त्याने त्या सांगाड्यात इतर सर्व अवयव भरले. त्याच क्षणी भयंकर अशा सिंहाचे शरीर उभे राहिले. मग चौथा पंडित म्हणाला, “मला या निर्जीव प्राण्यात प्राण निर्माण करण्याची विद्या येते.’ असे सांगून त्याने प्राणमंत्र म्हणताच, सिंह जिवंत झाला. त्याने एकाच फटक्यात त्या चौघा मूर्ख पंडितांना ठार मारले.
तात्पर्य : नुसते पोपटपंची ज्ञान घातक ठरते.
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| अं.क्र. | बोधकथेचे नाव | वाचन लिंक |
| 1. | भित्रा ससा | क्लिक करा |
| 2. | एकीचे बळ | क्लिक करा |
| 3. | लोभीपणा | क्लिक करा |
| 4. | चतुर म्हातारा | क्लिक करा |
| 5. | कुत्रा व गाढव | क्लिक करा |
| 5. | नाटक | क्लिक करा |
| 6. | एकीचे बळ | क्लिक करा |
| 7. | वेळेचे महत्व | क्लिक करा |
| 8. | अति विचाराने नुकसानच होते | क्लिक करा |
| 9. | नेहमी विचार करून बोलावे | क्लिक करा |
| 10. | दिसते तसे नसते | क्लिक करा |
| 11. | दुसऱ्याच्या व्यंगावर हसू नये | क्लिक करा |
| 12. | पोपटपंची | क्लिक करा |
| 13. | भिमाचे गर्वहरण | क्लिक करा |
| 14. | श्रावण बाळ आणि राजा दशरथ | क्लिक करा |
| 15. | लांडगा आणि कोकरू | क्लिक करा |
| 16. | पर्वत आणि उंदीर | क्लिक करा |
| 17. | मोर आणि करकोचा | क्लिक करा |
| 18. | वाघोबा आणि ससा | क्लिक करा |
| 19. | माकड आणि मगर | क्लिक करा |
| 20. | सिंह आणि उंदीर | क्लिक करा |
| 21. | लावा पक्षी आणि तिचे पिल्ले | क्लिक करा |
| 22. | माणसाला किती जमिनीची गरज | क्लिक करा |
| 23. | सुखी माणसाचा सदरा | क्लिक करा |
| 24. | ऐकावे जनाचे करावे मनाचे | क्लिक करा |
| 25. | फुल भर दुधाची कहाणी | क्लिक करा |
| 26. | नालाचा खेळा पराभवास कारण | क्लिक करा |
| 27. | हत्तीची सभा | क्लिक करा |
| 28. | नागार्जुन एक महान रसायन शास्त्रज्ञ | क्लिक करा |
| 29. | माणूस आणि उंदीर | क्लिक करा |
| 30. | एक तरुण माणूस | क्लिक करा |
| 31. | रानटी व गावठी हंस | क्लिक करा |
| 32. | कबूतर आणि मुंगी | क्लिक करा |
| 33. | शेतकरी व बैल | क्लिक करा |
| 34. | बढाईखोर माणूस | क्लिक करा |
| 35. | शेतकरी आणि साप | क्लिक करा |
| 36. | कस्तुरी मृग | क्लिक करा |
| 37. | एक डोळा असलेले हरीण | क्लिक करा |
| 38. | सिंह आणि इतर प्राणी | क्लिक करा |
| 39. | नदी झाड आणि वारा | क्लिक करा |
| 40. | कुरापती उंदीर | क्लिक करा |
| 41. | कोकिळा कावळा आणि घुबड | क्लिक करा |
| 42. | लोभी कुत्रा | क्लिक करा |
| 43. | संपत्तीचा उपयोग | क्लिक करा |
| 44. | संपत्तीचा खरा उपयोग | क्लिक करा |
| 45. | ससा आणि त्याचे मित्र | क्लिक करा |
| 46. | मनोबल | क्लिक करा |
| 47. | अति तेथे माती | क्लिक करा |
| 48. | गर्विष्ठ मेणबत्ती | क्लिक करा |
| 49. | आत शिरणारी पावले | क्लिक करा |
| 50. | हरीण आणि कोल्हा | क्लिक करा |
| 51. | कासव आणि बेडूक | क्लिक करा |
| 52. | माणूस आणि उंदीर | क्लिक करा |
| 53. | सोन्याचे अंडे देणारी कोंबडी | क्लिक करा |
| 54. | गाढवाचा गैरसमज | क्लिक करा |
| 55. | प्रेमळ शब्द | क्लिक करा |
| 56. | वस्तूची उपयुक्तता | क्लिक करा |
| 57. | लालची कुत्रा | क्लिक करा |
| 58. | कुत्र्याची दूरदृष्टी | क्लिक करा |
| 59. | पोपटाची विद्या | क्लिक करा |
| 60. | प्रत्युत्तर | क्लिक करा |
| 61. | बोधकथा संग्रह | क्लिक करा |











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