भीमाचे गर्वहरण bhimache garvaharan moral stories एकदा भीम जंगलातून जात होता. वाटेत त्याला एक शेपटीआडवी पसरलेली दिसली. बाजूला झाडाखाली एक म्हातारे माकड बसले होते. त्याचीच ती लांबलचक शेपटी होती. भीम म्हणाला हे माकडा तुझी शेपटी बाजूला घे माकड म्हणाले मी म्हातारा झालो आहे. फार आजारी आहे. माझी शेपटी मलाच उचलता येत नाही. तेव्हा माझ्यावर दया कर आणि शेवटी तूच बाजूला कर. भीम म्हणाला तुझ्या घाणेरड्या शेपटीला मी हात लावू काय. उचल ती लवकर. माझी शेपूट तुटली तर माकड किंचित हसले आणि म्हणाले आणि समजा तुझी गदा तुटली तर. एक म्हातारे माकड आपली थट्टा करीत आहे हे पाहून भीमाला राग आला. त्याने रागारागाने शेपटीला गदा लावली पण शेपटी हलेना त्याने शेपटी खाली गदा घातली पण ती शेवटी उचलू शकेना त्याने सगळी शक्ती लावली. त्याला दम लागला तो घामाघूम झाला. पण शेपटी हलेना मग त्याने शेवटी खालून गदा काढून घेण्याचा प्रयत्न केला पण त्याला गदा ही काढता येईना. आता कुठे भीमाला कळले की हे साधे व सामान्य माकड नाही हे त्याच्या लक्षात आले. भिम नम्रपणे म्हणाला महाराज आपण कोण आहेत माकड म्हणाले मी राम भक्त हनुमान आहे आणि भीमा समोर हनुमानाचे प्रचंड रूप उभे राहिले. भीमाने महाबली हनुमानाला वंदन केले तो म्हणाला मला माझ्या शक्तीचा गर्व झाला होता मला क्षमा करा मला क्षमा करा हनुमानाने भीमाला क्षमा केली व आशीर्वाद दिला.
➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖
शालेय बोधकथा संग्रह खालील प्रमाणे आहे सदर बोधकथेचे नाव वाचून वाचन लिंक या बटना खालील क्लिक करा व बोधकथा वाचन करा
| अं.क्र. | बोधकथेचे नाव | वाचन लिंक |
| 1. | भित्रा ससा | क्लिक करा |
| 2. | एकीचे बळ | क्लिक करा |
| 3. | लोभीपणा | क्लिक करा |
| 4. | चतुर म्हातारा | क्लिक करा |
| 5. | कुत्रा व गाढव | क्लिक करा |
| 5. | नाटक | क्लिक करा |
| 6. | एकीचे बळ | क्लिक करा |
| 7. | वेळेचे महत्व | क्लिक करा |
| 8. | अति विचाराने नुकसानच होते | क्लिक करा |
| 9. | नेहमी विचार करून बोलावे | क्लिक करा |
| 10. | दिसते तसे नसते | क्लिक करा |
| 11. | दुसऱ्याच्या व्यंगावर हसू नये | क्लिक करा |
| 12. | पोपटपंची | क्लिक करा |
| 13. | भिमाचे गर्वहरण | क्लिक करा |
| 14. | श्रावण बाळ आणि राजा दशरथ | क्लिक करा |
| 15. | लांडगा आणि कोकरू | क्लिक करा |
| 16. | पर्वत आणि उंदीर | क्लिक करा |
| 17. | मोर आणि करकोचा | क्लिक करा |
| 18. | वाघोबा आणि ससा | क्लिक करा |
| 19. | माकड आणि मगर | क्लिक करा |
| 20. | सिंह आणि उंदीर | क्लिक करा |
| 21. | लावा पक्षी आणि तिचे पिल्ले | क्लिक करा |
| 22. | माणसाला किती जमिनीची गरज | क्लिक करा |
| 23. | सुखी माणसाचा सदरा | क्लिक करा |
| 24. | ऐकावे जनाचे करावे मनाचे | क्लिक करा |
| 25. | फुल भर दुधाची कहाणी | क्लिक करा |
| 26. | नालाचा खेळा पराभवास कारण | क्लिक करा |
| 27. | हत्तीची सभा | क्लिक करा |
| 28. | नागार्जुन एक महान रसायन शास्त्रज्ञ | क्लिक करा |
| 29. | माणूस आणि उंदीर | क्लिक करा |
| 30. | एक तरुण माणूस | क्लिक करा |
| 31. | रानटी व गावठी हंस | क्लिक करा |
| 32. | कबूतर आणि मुंगी | क्लिक करा |
| 33. | शेतकरी व बैल | क्लिक करा |
| 34. | बढाईखोर माणूस | क्लिक करा |
| 35. | शेतकरी आणि साप | क्लिक करा |
| 36. | कस्तुरी मृग | क्लिक करा |
| 37. | एक डोळा असलेले हरीण | क्लिक करा |
| 38. | सिंह आणि इतर प्राणी | क्लिक करा |
| 39. | नदी झाड आणि वारा | क्लिक करा |
| 40. | कुरापती उंदीर | क्लिक करा |
| 41. | कोकिळा कावळा आणि घुबड | क्लिक करा |
| 42. | लोभी कुत्रा | क्लिक करा |
| 43. | संपत्तीचा उपयोग | क्लिक करा |
| 44. | संपत्तीचा खरा उपयोग | क्लिक करा |
| 45. | ससा आणि त्याचे मित्र | क्लिक करा |
| 46. | मनोबल | क्लिक करा |
| 47. | अति तेथे माती | क्लिक करा |
| 48. | गर्विष्ठ मेणबत्ती | क्लिक करा |
| 49. | आत शिरणारी पावले | क्लिक करा |
| 50. | हरीण आणि कोल्हा | क्लिक करा |
| 51. | कासव आणि बेडूक | क्लिक करा |
| 52. | माणूस आणि उंदीर | क्लिक करा |
| 53. | सोन्याचे अंडे देणारी कोंबडी | क्लिक करा |
| 54. | गाढवाचा गैरसमज | क्लिक करा |
| 55. | प्रेमळ शब्द | क्लिक करा |
| 56. | वस्तूची उपयुक्तता | क्लिक करा |
| 57. | लालची कुत्रा | क्लिक करा |
| 58. | कुत्र्याची दूरदृष्टी | क्लिक करा |
| 59. | पोपटाची विद्या | क्लिक करा |
| 60. | प्रत्युत्तर | क्लिक करा |
| 61. | बोधकथा संग्रह | क्लिक करा |










18 thoughts on “भीमाचे गर्वहरण bhimache garvaharan moral stories ”