चतुर म्हातारा chatur old man moral stories वाराणसी नगरातील राजाजवळ एक मोठे सुंदर रत्न होते. त्यामध्ये एक बारीक छिद्र होते. छिद्रात एक दोरा चिकटून बसला होता. तो काही केल्या कोणाला निघत नव्हता. अनेक सोनार कारागीर यांनी तो बाहेर काढण्यासाठी नानाप्रकारे प्रयत्न केले. पण त्यांना काही यश आले नाही. मग राजाने आपल्या राज्यात सेवेत करांकरवी दवंडी दिली. ऐका हो ऐका आपल्या महाराजांजवळ एक मौल्यवान रत्न आहे. त्याच्या छिद्रामध्ये एक दोरा चिकटून बसला आहे. तो दोरा जो कोणी काढील त्याला योग्य बक्षीस महाराज देणार आहेत. हो… ही दवंडी राज्यातील एका चतुर म्हाताऱ्याने ऐकली तो म्हातारा निराधार होता. तो फार थकला होता. उरलेले आयुष्य आता आपण कसे घालवणार अशी चिंता त्याला वाटत होती. कारण त्याच्या कडची सगळी पुंजी संपली होती. दवंडी ऐकताच आपणास चांगली संधी चालून आली असे वाटून तो मनात आनंदी झाला. लगेच तो काठी टेकत टेकत राजवाड्यात गेला. रत्नातला धागा मी काढतो म्हणाला. राजाने रत्न त्याच्याकडे दिले म्हाताऱ्याने थोडा मध मागितला. तो लगेच हजर करण्यात आला त्याने मधाचे काही थेंब नेमके त्या छिद्रांमध्ये सोडले. आणि ते रत्न जिथे मुंग्या होत्या तिथे नेऊन ठेवले. थोड्याच वेळात अनेक मुंग्या त्या रत्नात शिरल्या. त्यांनी तो मध खाल्लाच. पण तो दोराई खाऊन फस्त केला. दुसऱ्या बाजूने त्या बाहेर पडल्या. रत्नाचे छिद्र मोकळा झाल्याचे ते चिन्ह होते. त्या म्हाताऱ्याने दुसरा दोरा त्या रत्नात ओवला व ते रत्न राजा कडे दिले. राजा फारच हर्षित झाला. त्याने म्हाताऱ्याला एक हजार सोन्याच्या मोहरा बक्षिस दिल्या.
तात्पर्य – आपल्या हुशारीचा वापर करण्याची संधी मिळताच तिचा लाभ घेतला पाहिजे.
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| अं.क्र. | बोधकथेचे नाव | वाचन लिंक |
| 1. | भित्रा ससा | क्लिक करा |
| 2. | एकीचे बळ | क्लिक करा |
| 3. | लोभीपणा | क्लिक करा |
| 4. | चतुर म्हातारा | क्लिक करा |
| 5. | कुत्रा व गाढव | क्लिक करा |
| 5. | नाटक | क्लिक करा |
| 6. | एकीचे बळ | क्लिक करा |
| 7. | वेळेचे महत्व | क्लिक करा |
| 8. | अति विचाराने नुकसानच होते | क्लिक करा |
| 9. | नेहमी विचार करून बोलावे | क्लिक करा |
| 10. | दिसते तसे नसते | क्लिक करा |
| 11. | दुसऱ्याच्या व्यंगावर हसू नये | क्लिक करा |
| 12. | पोपटपंची | क्लिक करा |
| 13. | भिमाचे गर्वहरण | क्लिक करा |
| 14. | श्रावण बाळ आणि राजा दशरथ | क्लिक करा |
| 15. | लांडगा आणि कोकरू | क्लिक करा |
| 16. | पर्वत आणि उंदीर | क्लिक करा |
| 17. | मोर आणि करकोचा | क्लिक करा |
| 18. | वाघोबा आणि ससा | क्लिक करा |
| 19. | माकड आणि मगर | क्लिक करा |
| 20. | सिंह आणि उंदीर | क्लिक करा |
| 21. | लावा पक्षी आणि तिचे पिल्ले | क्लिक करा |
| 22. | माणसाला किती जमिनीची गरज | क्लिक करा |
| 23. | सुखी माणसाचा सदरा | क्लिक करा |
| 24. | ऐकावे जनाचे करावे मनाचे | क्लिक करा |
| 25. | फुल भर दुधाची कहाणी | क्लिक करा |
| 26. | नालाचा खेळा पराभवास कारण | क्लिक करा |
| 27. | हत्तीची सभा | क्लिक करा |
| 28. | नागार्जुन एक महान रसायन शास्त्रज्ञ | क्लिक करा |
| 29. | माणूस आणि उंदीर | क्लिक करा |
| 30. | एक तरुण माणूस | क्लिक करा |
| 31. | रानटी व गावठी हंस | क्लिक करा |
| 32. | कबूतर आणि मुंगी | क्लिक करा |
| 33. | शेतकरी व बैल | क्लिक करा |
| 34. | बढाईखोर माणूस | क्लिक करा |
| 35. | शेतकरी आणि साप | क्लिक करा |
| 36. | कस्तुरी मृग | क्लिक करा |
| 37. | एक डोळा असलेले हरीण | क्लिक करा |
| 38. | सिंह आणि इतर प्राणी | क्लिक करा |
| 39. | नदी झाड आणि वारा | क्लिक करा |
| 40. | कुरापती उंदीर | क्लिक करा |
| 41. | कोकिळा कावळा आणि घुबड | क्लिक करा |
| 42. | लोभी कुत्रा | क्लिक करा |
| 43. | संपत्तीचा उपयोग | क्लिक करा |
| 44. | संपत्तीचा खरा उपयोग | क्लिक करा |
| 45. | ससा आणि त्याचे मित्र | क्लिक करा |
| 46. | मनोबल | क्लिक करा |
| 47. | अति तेथे माती | क्लिक करा |
| 48. | गर्विष्ठ मेणबत्ती | क्लिक करा |
| 49. | आत शिरणारी पावले | क्लिक करा |
| 50. | हरीण आणि कोल्हा | क्लिक करा |
| 51. | कासव आणि बेडूक | क्लिक करा |
| 52. | माणूस आणि उंदीर | क्लिक करा |
| 53. | सोन्याचे अंडे देणारी कोंबडी | क्लिक करा |
| 54. | गाढवाचा गैरसमज | क्लिक करा |
| 55. | प्रेमळ शब्द | क्लिक करा |
| 56. | वस्तूची उपयुक्तता | क्लिक करा |
| 57. | लालची कुत्रा | क्लिक करा |
| 58. | कुत्र्याची दूरदृष्टी | क्लिक करा |
| 59. | पोपटाची विद्या | क्लिक करा |
| 60. | प्रत्युत्तर | क्लिक करा |
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