कुत्रा व गाढव dog and donkey moral stories एका गावात एक धोबी होता, त्याच्याकडे राजू नावाचा सुंदर छोटा कुत्रा होता, व एक करुप म्हातारे गाढव होते. गाढवाचे नाव बुद्धू होते. राजुचे मालकाच्या घरात खूप लाड होत होते. त्याला घरात व घराबाहेर अगदी कुंपणापर्यंत कोठेही खेळण्यास मोकळीक होती. घरातील मुले त्याच्या बरोबर नेहमी खेळत एवढेच नव्हे तर म्हातारा धोबी व त्याची बायकोही राजूला लाडाकोडाने गोंजरायची. खुशाल आपले अंग चाटू द्यायची. एके दिवशी बुद्धीने पाहिले राजू मालकाला आपल्या मागच्या पायांनी लाथा झाडीत आहे. मालक खदाखदा हसतो आहे. त्याला पकडण्याचा प्रयत्न करतो आहे. खेळता खेळता राजू पटकन परत वरून मालकाचे तोंड चाटत आहे. व या वेळी मालक त्याचे डोके लाडेलाडे थोपाटत आहे. बुध्दुला वाटले, आपणही राजू सारखे केले तर आपलेही कौतुक मालक करीन मग त्याच दिवशीच्या सायंकाळी जेव्हा बुद्धचा मालक कपड्यांचे भले मोठे गाठोडे घेऊन घरात आला तेव्हा बुद्धने आपल्या मागच्या पायांनी लाथा मारल्या लगेच परत वळून मोठ मोठ्याने ओरडत लाडा लाडाने मालकाचे तोंड चाटण्याचा प्रयत्न करु लागला. त्यामुळे धोबी असा काही संतापला म्हणता, की त्याने बुध्दूला बांबूच्या काठीने झोडपून काढले. तो पुढे म्हणाला मुर्खा तुला काय वाटते ? आपण राजू सारखी सुंदर व लाडके आहोत. तुझी जागा ओळखून वाग. शहाणा हो..
तात्पर्य – प्रत्येकाने आपला दर्जा ओळखून वागले पाहिजे.
➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖
शालेय बोधकथा संग्रह खालील प्रमाणे आहे सदर बोधकथेचे नाव वाचून वाचन लिंक या बटना खालील क्लिक करा व बोधकथा वाचन करा
| अं.क्र. | बोधकथेचे नाव | वाचन लिंक |
| 1. | भित्रा ससा | क्लिक करा |
| 2. | एकीचे बळ | क्लिक करा |
| 3. | लोभीपणा | क्लिक करा |
| 4. | चतुर म्हातारा | क्लिक करा |
| 5. | कुत्रा व गाढव | क्लिक करा |
| 5. | नाटक | क्लिक करा |
| 6. | एकीचे बळ | क्लिक करा |
| 7. | वेळेचे महत्व | क्लिक करा |
| 8. | अति विचाराने नुकसानच होते | क्लिक करा |
| 9. | नेहमी विचार करून बोलावे | क्लिक करा |
| 10. | दिसते तसे नसते | क्लिक करा |
| 11. | दुसऱ्याच्या व्यंगावर हसू नये | क्लिक करा |
| 12. | पोपटपंची | क्लिक करा |
| 13. | भिमाचे गर्वहरण | क्लिक करा |
| 14. | श्रावण बाळ आणि राजा दशरथ | क्लिक करा |
| 15. | लांडगा आणि कोकरू | क्लिक करा |
| 16. | पर्वत आणि उंदीर | क्लिक करा |
| 17. | मोर आणि करकोचा | क्लिक करा |
| 18. | वाघोबा आणि ससा | क्लिक करा |
| 19. | माकड आणि मगर | क्लिक करा |
| 20. | सिंह आणि उंदीर | क्लिक करा |
| 21. | लावा पक्षी आणि तिचे पिल्ले | क्लिक करा |
| 22. | माणसाला किती जमिनीची गरज | क्लिक करा |
| 23. | सुखी माणसाचा सदरा | क्लिक करा |
| 24. | ऐकावे जनाचे करावे मनाचे | क्लिक करा |
| 25. | फुल भर दुधाची कहाणी | क्लिक करा |
| 26. | नालाचा खेळा पराभवास कारण | क्लिक करा |
| 27. | हत्तीची सभा | क्लिक करा |
| 28. | नागार्जुन एक महान रसायन शास्त्रज्ञ | क्लिक करा |
| 29. | माणूस आणि उंदीर | क्लिक करा |
| 30. | एक तरुण माणूस | क्लिक करा |
| 31. | रानटी व गावठी हंस | क्लिक करा |
| 32. | कबूतर आणि मुंगी | क्लिक करा |
| 33. | शेतकरी व बैल | क्लिक करा |
| 34. | बढाईखोर माणूस | क्लिक करा |
| 35. | शेतकरी आणि साप | क्लिक करा |
| 36. | कस्तुरी मृग | क्लिक करा |
| 37. | एक डोळा असलेले हरीण | क्लिक करा |
| 38. | सिंह आणि इतर प्राणी | क्लिक करा |
| 39. | नदी झाड आणि वारा | क्लिक करा |
| 40. | कुरापती उंदीर | क्लिक करा |
| 41. | कोकिळा कावळा आणि घुबड | क्लिक करा |
| 42. | लोभी कुत्रा | क्लिक करा |
| 43. | संपत्तीचा उपयोग | क्लिक करा |
| 44. | संपत्तीचा खरा उपयोग | क्लिक करा |
| 45. | ससा आणि त्याचे मित्र | क्लिक करा |
| 46. | मनोबल | क्लिक करा |
| 47. | अति तेथे माती | क्लिक करा |
| 48. | गर्विष्ठ मेणबत्ती | क्लिक करा |
| 49. | आत शिरणारी पावले | क्लिक करा |
| 50. | हरीण आणि कोल्हा | क्लिक करा |
| 51. | कासव आणि बेडूक | क्लिक करा |
| 52. | माणूस आणि उंदीर | क्लिक करा |
| 53. | सोन्याचे अंडे देणारी कोंबडी | क्लिक करा |
| 54. | गाढवाचा गैरसमज | क्लिक करा |
| 55. | प्रेमळ शब्द | क्लिक करा |
| 56. | वस्तूची उपयुक्तता | क्लिक करा |
| 57. | लालची कुत्रा | क्लिक करा |
| 58. | कुत्र्याची दूरदृष्टी | क्लिक करा |
| 59. | पोपटाची विद्या | क्लिक करा |
| 60. | प्रत्युत्तर | क्लिक करा |
| 61. | बोधकथा संग्रह | क्लिक करा |










14 thoughts on “कुत्रा व गाढव dog and donkey moral stories”